WC 2019 : भारत का मौसम और स्विंग से मुकाबला करेगा आगे की राह आसान

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विश्व कप मे भारत की जीत की स्थिति मौसम और स्विंग के खिलाफ काफी मायने रखेगी, इंग्लैंड की परिस्थितियाँ स्विंग गेजबाजों के अनुकूल रहेंगी लेकिन अगर स्विंग के खिलाफ अपने बल्लेबाजों मे देखा जाय तो उतनी क्षमता नही है, चूकि हमारे खिलाड़ी हमेशा पाटा विकेट पर खेलते आये हैं तो उनको गेंद के मूवमेंट्स का अंदाजा नही लग पाता जिससे वह शाट लगाने मे खुद को असहज महसूस करते है है और अधिक्तर विकेट के पीछे कैच थमाकर चलते बनते हैं।

स्विंग के साथ तेज और हवा के रूख के अनुसार बाउंसर भी इनका परीक्षा लेगी और इनको खुद को साबित करना पड़ेगा कि यह मौसम के अनुकूल अपने आप को कितना ढ़ाल पाते है।

न्यूजीलैंड के साथ अभ्यास मैच में इनकी इसी कमियों की कलई खुल गयी कि बादल और मौसम के बीच स्विंग और मूवमेंट्स लेती गेंद कैसे खेलते हैं और यहाँ फिर वह असफल दिखे। इंडियन पिचों के तरह इनके पैरों का मूवमेंट रहा जो इनके लिए दिक्कत ही पैदा करेगा, हमेशा से हमारे बल्लेबाज स्विंग के खिलाफ पैरों के मूवमेंट्स न होने से विपक्षी के प्लान का शिकार हो जाते हैं, रोहित शर्मा और धवन दोनो स्ट्रेट खेलना पसंद करते पर यहाँ ऐसे बात नही बात बनेगी बाडी मूवमेंट बहुत जरूरी है पैरों के साथ बल्ले का, विराट कोहली इसमे थोड़े माहिर है स्विंग के खिलाफ फिर भी विपक्षी खेमा इनको बाहर जाती स्विंग गेदों पर परेशान करेगा फिर भी कोहली कंडीशन के अनुसार अपने आप को ढाल लेते हैं, रही बात केएल राहुल, कर्तिक की तो इनमें राहुल को अपनी काबिलियत इन्ही स्विंग लेती पिचों पर साबित करनी है चूकिं यह ओपनर है तो नई गेंद की मूवमेंट्स इनको पता होनी चाहिए और उसी के अनुसार खेलना चाहिए खड़े होकर खेलेंगे तो अभ्यास मैच जैसा ही परिणाम मिलेगा।

बात आती है कार्तिक की तो यह स्विंग के खिलाफ अच्छा खेल लेते है लेकिन लम्बा समय हो गया है इनको उस फार्म मे रहना चूकिं यह इंग्लैंड मे काउंटी खेल चुके है तो इनको पैरो की मूवमेंट के बारे मे पता होना चाहिए जिससे अच्छा खेल सकें । बात आती है धोनी की तो हमेशा की तरह यह सीट एंकर ही रहेंगे स्विंग के खिलाफ इनका स्ट्रगल भी सबको पता है तो इनको एकरूपता बरतनी पड़ेगी बल्लेबाजी में ।

चूकि इब बार स्विंग को लेकर भारतीय गेदबाजी खेमा खुश है हमारे पास बुमराह, शमी, भुवनेश्वर जैसे गेदबाज है जो कंडीशन को अपने पक्ष मे लेकर काम करेंगे और एक मजबूत आधार देंगे लेकिन सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाजी बाजों के लिए है स्विंग के खिलाफ टिके रहना।

कुल मिलाकर भारतीय बल्लेबाजी मौसम, बादल और स्विंग से अपने आप को तैयार कर लेते हैं तो सफर आसान रहेगा नही तो भारतीय पिचों की तरह खेलेंगे तो सफर बहुत ही मुस्किल रहने वाला है टीम कागज पर बहुत अच्छी है पर कंसिस्टेंसी मे एक दो खिलाडियों को छोड़कर सबको साबित करना है अब अगर वर्ड कप मे बने रहना अच्छा खेल दिखाना पड़ेगा, क्योंकि इस बार मैच जादा खेलने है समय भी है तो सम्भावना यही रहेगा एक बेहतर प्रदर्शन हो स्विंग के खिलाफ, जिससे भारत को पाईंट टेबल मे बनाए रखे और वर्डकप फाईनल के नजदीक पहुँचकर ट्राफी उठाई जाय.

 

  • S R VED
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