‘हर फिक्र को नशे में उड़ाने वालों पर लगाम लगना जरूरी है’

    बांके बिहारी प्रोडक्शन ने लांच की शॉर्ट फिल्म 'स्मैक'

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    कानपुर । स्कूली छात्र और युवा नशे की गिरफ्त में हैं। उनके खून में नशे का जहर घोला जा रहा है और सिस्टम खामोश है। सब्जी का ठेला हो या फिर फलों की दुकान, धड़ल्ले से नशे का सामान सड़क पर बेचा जा रहा है। सुबह से लेकर रात तक इन सौदागरों की दुकानों पर अफीम, चरस और स्मैक खरीदने वालों की लाइन लगी रहती है। नशेखोरी के जाल से युवाओं को निकालने के लिये समाज को जागरूक करना अतिआवश्यक है।
    बांके बिहारी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘स्मैक’ को कानपुर आईआईटी से जुड़ी मनोवैज्ञानिक डॉ.आराधना गुप्ता फिल्म को रिलीज किया।  कार्यक्रम का आयोजन कानपुर जनर्लिस्ट क्लब, अशोक नगर में हुआ। फिल्म में  प्रमुख किरदार देवांश तिवारी का कहना है कि इस फ़िल्म में युवाओं के नशे की गिरफ्त में फंसने और नशे के सौदागरों के शहर में फैले जाल पर फोकस किया गया है। डायरेक्टर अनिल त्रिपाठी ने बताया कि फिल्म की पूरी शूटिंग कानपुर में हुई है स्थानीय कलाकारों ने इसमें भूमिका अदा की है। फिल्म में अपर्णा पांडेय, ज्योति, वरुन मिश्रा, शिखर शुक्ला, आयुष ने बेहतर काम किया है। 
     

    डॉ. आराधना ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी का प्रमुख कारण पैरेंट्स ही हैं। पैरेंट्स बच्चों के दोस्त बनें और उनकी गतिविधियों पर नज़र    रखें। 
     उन्होंने प्रोडक्शन हाउस की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि लगतार इस तरह के मुद्दों पर शॉर्ट फिल्में बनती रहनी चाहिए।  फ़िल्म लांच होते ही फ़िल्म को धड़ल्ले से व्यूज मिलने लगे।    
    हाल ही में बांके बिहारी प्रोडक्शन के बैनर तले डायरेक्टर अनिल त्रिपाठी ने शॉर्टफिल्म सट्टेबाज भी बनाई है। फ़िल्म को लाखों व्यूज भी मिल चुके हैं। इस फ़िल्म में दिखाया गया है कि शहरों में सट्टेबाज गिरोहों का जाल फैला हुआ है। ये गिरोह नादान युवाओं को सपनों की दुनिया दिखाते हैं और उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लेते हैं। youtube में पूरी फिल्म देखें और कमेंट जरूर करें।
    बांके बिहारी प्रोडक्शन लगातार ऐसे मुद्दों पर फिल्में बना रहा है जो समाज से जुड़े हैं। 
    हालात यह हैं कि छोटे शहरों में क्रिकेट सट्टेबाजी को विदेशों से ऑपरेट किया जा रहा है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में उसका सिंडीकेट है। वहीं, भारत में अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता, चंडीगढ़ में उसका गैंग एक्टिव है।

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