फिर सामने आया गौतस्करी का मामला

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खबर-योगेन्द्र द्विवेदी

गोविन्दगढ़(राजस्थान)-क्षेत्र में लगातार गौ तस्करी के मामले हो रहे हैं
पुलिस ने सूचना के आधार पर गांव रामबास के पास महिंद्रा (HR-74 A-8369) पिकअप में क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाए जा रहे 5 गोवंशों को मुक्त करवाया।
1 गोवंश की दम घुटने से मौत हो गई ।
पुलिस ने आरोपी ड्राइवर सावीर पुत्र इस्लाम को गिरफ्तार किया।
मामले के संबंध में पुलिस दल को सूचना मिली थी कि महिंद्रा पिकअप में 5 गोवंशों को क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाया जा रहा है।
गाड़ी में तीन गाय तथा दो बछड़ों को निर्दयता पूर्वक भरा हुआ था 

गाड़ी को ग्रामीणों ने रामबास के समीप रोक रखा है जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के द्वारा आरोपी तथा गाड़ी को पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस मौके से ड्राइवर गिरफ्तार किया तथा गायों को स्थानीय निवासियों को सुपर्द कर दिया। दम घुटने से 1 गोवंश की मौत हो गई। जिसका पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया गया।

गाड़ी के पीछे लटके स्कूली बच्चे चिल्ला रहे थे अंकल रुको लेकिन ड्राइवर ने नहीं रोकी गाड़ी : 108 एंबुलेंस के पायलट चरण सिंह ने बताया कि 108 गाड़ी को लेकर गोविंदगढ़ आ रहा था। तभी पीछे से एक पिकअप ने तकरीबन 120 से 130 की स्पीड में ओवरटेक कर निकाला। जिसके पीछे स्कूली बच्चे लटके हुए थे। जो गाड़ी को रोकने के लिए बोल रहे थे। मैंने एंबुलेंस को पिकअप से आगे निकाल कर रोकने के लिए इशारा किया लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी को नहीं रोका और सामने से आ रहे ट्रक में भिड़ने से गाड़ी बाल बाल बची थी। जब गाड़ी रुक गई उसके बाद पता चला की गाड़ी में गाय भरी हुई है।

साहस दिखा एक लड़का ड्राइवर खिड़की पर पहुंचा तब जाकर गाड़ी को रोका: प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गाड़ी तेजी से आ रही थी। एक लड़का खिड़की पर लटका हुआ था। गाड़ी के पीछे स्कूली बच्चे लटके हुए थे। यह सब नजारा देख वह भी गाड़ी के पीछे पीछे भागने लगे तब जाकर फाटक से पहले गाड़ी को रोका गया। स्कूली बच्चों ने गोविंदगढ़ तक आने के लिए गाड़ी का सहारा लिया था। उन्हें नहीं पता ताकि गाड़ी में गाय हैं। वो तालड़ा के समीप गाड़ी में लटक गए। लटकने के बाद जब उन्होंने गाड़ी में गाय को देखा और शोर मचाया तो गाड़ी के ड्राइवर ने गाड़ी को तेज स्पीड में भगा लिया।

गाय पालने के लिए लाए थे तो रबन्ने में गलत पता क्यों दर्शाया
जयपुर नगर निगम के द्वारा जारी किए गए रबन्ना में ना तो विक्रेता का नाम था तथा खरीददार का पता भी गलत भरा हुआ था।
अगर गाय फालतू थी।
तो रवन्ना में खरीददार का पता गलत क्यों दर्शाया गया। कोलगांव हरियाणा के फिरोजपुर थाना अंतर्गत आता है जबकि रवन्ना में उसे अलवर तहसील में दर्शाया गया था।

जयपुर से गोविंदगढ़ की मध्य दर्जनों पुलिस चौकी से गुजरी गाड़ी किसी ने भी रोकना नहीं समझा उचित है: –

सवाल………..
1 आखिर क्या है मामला बढ़ती गौतस्करी का?

2 आखिर क्या राज है गौतस्करों के हौंसले बुलंद होने है

आरोपी

 

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