बाबरी मस्जिद गिराने के मामले में सीबीआई की स्पेशल अदालत में पेश होने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार और उमा भारती पहुंच चुके हैं. इनलोगों की कोर्ट में पेशी होगी, जहां इन पर आरोप तय किए जाएंगे. इस मामले में इनके साथ साध्वी ऋतंभरा और विष्णु हरि डालमिया पर भी आरोप तय होंगे.

इसके पहले सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी के लिए लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी दिल्ली से लखनऊ पहुंचे. इसके बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आडवाणी से वीवीआईपी गेस्ट हाउस में मुलाकात भी की.

इस मामले में उमा भारती ने कहा, ‘अयोध्या में कोई साजिश नहीं हुई. वहां जो भी हुआ सब खुला था जैसे इमरजेंसी के खिलाफ हुआ था.’ उन्होंने कहा, अयोध्या में बीजेपी के करोड़ों कार्यकर्ता शामिल थे. विनय कटियार ने भी इन आरोपों को झूठा बताया.

क्या है मामला?

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा देश भर से आए लाखों कारसेवकों द्वारा गिरा दिया गया था.

आरोप है कि इन नेताओं के उकसाने पर ही कारसेवकों ने ऐसा किया. इसके बाद बीजेपी और वीएचपी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.

हालांकि 2001 में सीबीआई कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप हटा दिया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी सीबीआई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था.