वीडियों कांफ्रेसिंग कर बताई गई जीएसटी की बारीकियाँ

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कार्यशाला में बारीकियों को समझते अधिवक्ता सदस्य

न्यूज डेस्क। 1 जुलाई से लागू होने जा रहे वस्तु एवं सेवा कर के विषय में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन में आयोजित सेमिनार में वीडियो एवं प्रोजेक्टर के द्वारा अपने मेंबर्स को जीएसटी का अध्ययन कराया गया। इस दौरान गोष्ठी में जीएसटी के विषय 30 जून 2017 पर क्लोजिंग स्टॉक पर टैक्स क्रेडिट पर चर्चा हुई तथा इस विषय पर वीडियोस के द्वारा एक्सपर्ट्स के ज्ञान का लाभ सभी ग्रुप मेंबर्स ने लिया।

क्लोजिंग स्टाॅक पर दिया गया जोर
गोष्ठी पर मुख्य जोर 30 जून को बचने वाले क्लोसिंग स्टाॅक पर दिया गया। महामंत्री देवेन्द्र डंग ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 जून को जो व्यापारी का क्लोजिंग स्टॉक होगा उस पर टैक्स क्रेडिट की गणना करके जीएसटी में क्या क्रेडिट मिलेगा यदि उसमें एक्साइज का कंपोनेंट शामिल है या सिर्फ वैट शामिल है इस तरीके के अन्य टैक्स जो भी शामिल हैं उन पर कितना प्रतिशत क्रेडिट आगे जीएसटी रिजीम में मिलेगा इस पर पूर्ण रुप से चर्चा हुई।

जीएसटी पर रोज होगा ग्रुप डिस्कशन
संघ के अध्यक्ष एके निगम ने बताया कि जीएसटी में अधिवक्ताओं की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण हो जाती है इसलिए अब लगभग हर रोज सेल टैक्स बार एसोसिएशन अपने मेंबर्स के लिए ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया जाएगा तथा उनमें जीएसटी के विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी आज क्लोजिंग स्टॉक के विषय पर मेंबर्स को तीन अलग-अलग वीडियो दिखाई गई तथा केस स्टडी के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार से 30 जून को बचे हुए क्लोजिंग स्टॉक का ITC हमलोग जीएसटी में क्लेम कर पाएंगे तथा जीएसटी में क्लेम करने के लिए क्या क्या ध्यान रखना है।

महामंत्री श्री देवेंद्र ने बताया कि हमें अपने क्लाइंट की स्टाॅक प्लानिंग समय रहते करवा लेनी चाहिए ताकि उसको अत्यधिक स्टॉक रेट ऑफ टैक्स के डिफरेंस की वजह से कोई नुकसान ना उठाना पड़े। इस परिचर्चा में संघ के सदस्य श्री चैधरी, सुनील त्रिवेदी, विमल कटिहार, आलोक तिवारी एवं अन्य मौजूद थे. सभी सदस्यों ने एसोसिएशन के इस नए कदम की भरपूर सराहना की.

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