उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक रेप पीड़ित युवती ने न्याय मिलने की आस में हताश होकर अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। युवती ने इस पत्र में पीएम और सीएम से न्याय की गुहार लगाई है और अपनी हालत के लिए जिम्मेदार युवकों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

20 जनवरी को युवती ने अपने पत्र में लिखा, ‘पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि उनके पावरफुल संबंध है। वे (आरोपी) मेरे पर केस को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मुझे न्याय मिलना चाहिए नहीं तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।’

एएसपी शशि शेखर सिंह ने कहा कि 24 मार्च 2017 को बाराबंकी में पीड़िता के पिता की शिकायत पर दिव्या पांडे और अंकित वर्मा के खिलाफ रेप के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी।

पिता ने आरोप लगाया था कि आरोपी इंजीनियरिंग का छात्र है जो उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया और उसके बाद लगातार ब्लैकमेल कर रहा है।

इसी मामले में अक्टूबर 2017 में रायबरेली में एक और एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया था कि फेसबुक पर युवती का फेक प्रोफाइल बनाकर अश्लील फोटो पोस्ट किए गए थे।

एएसपी ने कहा कि इस मामले में जांच चल रही है। पीड़िता के पत्र के बारे में पूछे जाने पर एएसपी ने कहा कि इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।