नेस्ले इंडिया ने शाहजहांपुर में मैगी के सैंपल के जांच में फेल होने और जिला प्रशासन द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बाद अपनी सफाई दी है। इस मामले पर एफएमसीजी कंपनी नेस्ले ने कहा है कि मैगी को बनाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर राख का इस्तेमाल नहीं किया जाता और यह 100 फीसदी सुरक्षित है।

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अपने उपभोक्ताओं को दोबारा आश्वस्त करना चाहते हैं कि मैगी नूडल्स 100 फीसदी सुरक्षित हैं। हम दृढ़ता से दोहराते हैं कि इसे बनाने की प्रक्रिया में कहीं भी राख का इस्तेमाल नहीं किया जाता।’

उन्होंने बताया कि उनका नूडल्स ब्रांड नूडल्स, पास्ता और मसालों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा तय मानकों के अनुरूप है।

गौरतलब है कि जून 2015 में नेस्ले इंडिया ने एफएसएसएआई द्वारा मैगी पर बैन लगाने के बाद मैगी को बाजार से वापस ले लिया था। हालांकि कई कानूनी लड़ाइयों के बाद नवंबर 2015 में मैगी नूडल्स को बाजार में फिर से उतारा गया था।

मैगी सैम्पल फेल होने पर 45 लाख का जुर्माना नेस्ले कम्पनी पर लगाया गया है जबकि डिस्ट्रीब्यूटर समेत छ विक्रेताओं समेत पर 17 लाख का जुर्माना लगाया गया है।