पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा (जेयूडी) जैसे आतंकी समूहों को समर्थन देने वाले बयान के बाद वैश्विक समुदाय ने उन्हें चौतरफा घेरा है।

विश्व बलूच महिला फोरम (WBWF) की प्रमुख प्रोफेसर नायला कादरी बलूच ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को वैश्विक आतंकी घोषित करे।

बलूच कार्यकर्ता प्रो कादरी ने एक बयान में कहा, ‘हम अमेरिका से मांग करते हैं कि वो परवेज मुशर्रफ को वैश्विक आतंकी घोषित करने के मापदंडों को पूरा करने के लिए एक्जिक्युटिव ऑर्डर-13224 के तहत उनके खिलाफ सूचना इकट्ठा करना शुरु करे।’

प्रो कादरी ने कहा, ‘परवेज मुशर्रफ के अमेरिका के द्वारा घोषित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधों को जांच हो और अमेरिका में उसके सभी संपत्तियों को सीज करने के लिए सही कदम उठाए।’

इसके अलावा प्रो कादरी ने कहा कि बलोच कार्यकर्ता सभी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में मुशर्रफ को एक्सपोज करेंगे और विश्व के नागरिकों को बलोच लोगों की हत्याओं में उनकी भूमिकाओं के बारे में बताएंगे।

प्रो कादरी ने कहा, ‘विश्व बलूच महिला फोरम विश्व के सभी सरकारों से मांग की है कि पाकिस्तानी सेना में मौजूद इस तरह के व्यक्तियों को सक्रिय तरीके से एक्सपोज करे और अलग-थलग करे और वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबंध लगाए।’

इससे पहले बुधवार को मुशर्रफ ने ARY समाचार को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं लश्कर का बड़ा समर्थक हूं और जानता हूं कि वो मुझे पसंद करते हैं। जेयूडी (जमात-उद-दावा) भी मुझे पसंद करता है।’

मुशर्रफ ने कहा था कि वो हाफिज सईद को पसंद करते हैं। हाफिज से अपने मेल-जोल की बात कबूल करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं उससे (हाफिज़ सईद) दो बार मिल चुका हूं।’

मुशर्रफ ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा हमेशा कश्मीर के पक्ष में रहा है और कश्मीर में भारतीय सेना पर पर दबाव बनाता रहा है और यह एक बड़ी ताकत है।

मुशर्रफ ने भारत पर आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा को आंतकवादी संगठन घोषित किया है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में लश्कर आतंकी हाफिज सईद की नजरबंदी से रिहाई के बाद पाकिस्तान सरकार की आलोचना की थी और तुरंत पुनर्गिरफ्तारी और कार्रवाई करने की मांग की थी।