पाकिस्तान ने शनिवार को दावा किया कि भारत ने करीब 200 पाक नागरिकों को वीजा देने से इनकार कर दिया जो देश में हजरत निजामुद्दीन औलिया के उर्स में भाग लेना चाहते थे.

विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि एक से आठ जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे उर्स में 192 पाकिस्तानी नागरिकों को आखिरी क्षण में भारत द्वारा वीजा न दिए जाने पर दुख व्यक्त करता है.

बयान में कहा गया है, ‘भारत के फैसले के कारण पाक नागरिकों को उर्स में भाग लेने का मौका नहीं मिल पाएगा. उर्स का एक खास महत्व है.’ यह यात्रा धार्मिक स्थलों के दौरे पर 1974 के पाकिस्तान-भारत प्रोटोकॉल के प्रावधानों के तहत होनी थी और यह एक वार्षिक प्रक्रिया है.

बयान के अनुसार, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है और 1974 प्रोटोकॉल और लोगों से लोगों के संपर्क के उद्देश्य की भावना के खिलाफ है.’ इसमें कहा गया है कि द्विपक्षीय प्रोटोकॉल और धार्मिक आजादी के मूल मानवाधिकार का उल्लंघन होने के साथ ही ऐसे कदमों से माहौल बेहतर बनाने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य बनाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचता है.

विदेश विभाग ने कहा, ‘यह विडंबना है कि यह हजरत निजामुद्दीन औलिया के उर्स के मौके पर किया गया जो समुदायों को एक-दूसरे के करीब लाने के प्रतीक हैं.’