पेट्रोल, डीजल की कीमत भारतीय जनता पार्टी के 2014 में सत्ता में आने के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर है। इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से कहा है की उत्पाद शुल्क में कटौती की जाए। ध्यान रहे की संसद में अगले हफ्ते 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।

पेट्रोलियम सचिव के डी त्रिपाठी ने कहा है कि कि मंत्रालय ने उद्योग से मिले सुझाव के आधार पर सिफारिशें विचार के लिये भेजीं हैं।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव बढ़कर 72.38 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। मार्च 2014 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। मुंबई में डीजल का भाव 67.30 रुपये लीटर पर पहुंच गया है।

कीमतों में उछाल की वजह क्या है वजह?

पेट्रोल की कीमत में उछाल की वजह स्थानीय बिक्री कर (वैट) का अधिक होना है। केंद्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 15.33 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लेती है। जबकि दिल्ली में पेट्रोल पर वैट (मूल्य वर्द्वित कर) 15.39 रुपये और डीजल पर 9.32 रुपये है।

तेल कंपनियों के अनुसार दिसंबर- मध्य से डीजल में 4.86 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में दाम में तेजी आई है। दो प्रमुख मानक ब्रेंट और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड आज बढ़कर क्रमश: 69.41 डालर प्रति बैरल तथा 63.99 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गये।

पिछले साल जून से पेट्रोल और डीजल की कीमत दैनिक आधार पर संशोधित की जा रही है। आज जहां पेट्रोल का दाम 15 पैसे प्रति लीटर बढ़ा वहीं डीजल 19 पैसे महंगा हुआ।

महानगरों में डीजल के दाम में बढ़ोतरी का महत्व इसलिए अधिक है, क्योंकि यह ईंधन परिवहन में आमतौर से इस्तेमाल होता है और इसके महंगा होने का असर कुल महंगाई बढ़ने की शक्ल में सामने आ सकता है।

कांग्रेस उठा रही है सवाल

पेट्रोल-डीजल में आई बेतहाशा वृद्धि को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर सवाल उठा रही है।