नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के घोघा और भरूच जिले के दहेज के बीच 615 करोड़ रुपए की रोल-ऑन रोल-ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा के पहले चरण का उद्घाटन किया। रोल ऑन, रोल ऑफ फेरी सेवा पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। ये सेवा अपने आप में बेहद खास और अनोखी सेवा है, क्योंकि इसके शुरु होने से लगभग 310 किमी का सफर महज 30 किमी में सिमट कर रह जाएगा।

बता दें कि सौराष्ट्र के अमरेली, राजकोट और भावनगर से कई व्यापारी सूरत और दक्षिण गुजरात के बाकी शहरों में बसे हैं। पहले अगर सौराष्ट्र के भावनगर से दक्षिण गुजरात के सूरत तक का सफर करना हो तो 8-10 घंटे लग जाते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से इस सेवा के उद्घाटन के बाद ये दूरी 50 मिनटों में तैय हो जाएगी।

500 लोगों और 100 बड़े वाहने ले जाएगी बोट

रो-रो फेरी सर्विस में जो बोट रहेगी, उसमें 100 बड़े वाहनों की ढुलाई और करीब 500 लोगों की यात्रा एक साथ होगी, लेकिन फिलहाल इस प्रोजेक्ट का एक ही फेज पूरा हुआ है, जिसमें केवल पैसेंजर्स के लिए सुविधा शुरू होगी। वहीं, इंडिगो सीवेस के चेयरमैन चेतन कांट्रेक्टर कहना है, ”फिलहाल उनके पास केवल एक ही फेरी है, जो दिन में 2 से 3 बार सर्विस देगी। जल्द 3-4 फेरी और शामिल होगी। इसमें प्रति व्यक्ति 600 रुपए लगेंगे। फेरी के किराए की ये दर बस सुविधा से सस्ती होगी।”

310 किमी की दूरी तय होगी 50 मिनट में

भावनगर के घोघा से भरूच के दहेज के बीच अगर सड़क के रास्ते कोई यात्रा करे तो 310 किमी की दूरी होती है, लेकिन समुद्र के रास्ते ये दूरी सिर्फ 17 नॉटिकल माइल्स यानी 30 किमी की हो जाएगी। यानी केवल 50 मिनट में 7-8 घंटों की दूरी पूरी होगी, जिससे समय तो बचेगा और पेट्रोल भी बचेगा। साथ ही सड़क हादसो में भी काफी कमी आएगी।

जनवरी में शुरू होगा दूसरा फेज

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का दूसरा फेज जनवरी 2018 में शुरू होगा, जिसके तहत बड़े वाहन के साथ-साथ 500 से ज्यादा यात्री एक ही फेरी में आ जाया करेंगे। फिलहाल फेज-1 की फेरी में 250 पैसेंजर ही आ सकेंगे। वहीं, घोघा टर्मिनल पूरी तरह कार्यरत होने के बाद गुजरात सरकार इसे घोघा से मुंबई और घोघा से हजीरा तक फेरी सर्विस चलाने का प्लानिंग कर रही है।

ये पूरा प्रोजेक्ट गुजरात मेरिटाटम बोर्ड के जरिए तैयार हुआ है। फिलहाल इस फेरी सर्विस का किराया 600 रुपया रखा गया है जिसके बाद में भावनगर से पिकप प्वाइंट, प्री-बुकिंग, ऑनलाइन बुकिंग को भी शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तभी उन्होंने यह सपना देखा था। पीएम की सोच थी कि जो व्यापारी भावनगर अमरेली से सूरत व्यापार करने जाते हैं, उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर इस तरह की बोट सेवा उपलब्ध हो जाती है, तो पैसेंजर को दिक्कतों का कम सामना करना पड़ेगा। इससे वो सुबह जाकर शाम को वापस आ सकते हैं।