जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद आज अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंधित आतंकवादियों के बीच हुई पहली मुठभेड़ में आईएस के चार आतंकवादी मारे गए

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद आज अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंधित आतंकवादियों के बीच हुई पहली मुठभेड़ में आईएस के चार आतंकवादी मारे गए। पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने यह जानकारी दी। 

कश्मीर में आईएस आतंकवादियों के मारे जाने की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है। पुलिस प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, “मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।”

इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसार गजवातुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है। खिरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया। 

बहुप्रतीक्षित सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने में महज कुछ दिन ही रह गए हैं। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेरेबंदी कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “घेरेबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।”

वैद ने कहा,”मारे गए आतकंवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद कर रहे हैं।” पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

मारे गए चार आतंकवादियों में से एक की पहचान पुलवामा जिले के तलंगम गांव के निवासी मजीद मंजूर के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य की पहचान श्रीनगर के एचएमटी इलाके के निवासी के रूप में हुई है। दो आतंकवादियों की शिनाख्त होनी अभी बाकी है। मुठभेड़ में आतंकवादियों के अलावा एक नागरिक भी मारा गया, जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।