उत्तर कोरिया ने फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया. दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है. इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम इसे देख लेंगे.

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा कि ताजा मिसाइल प्रक्षेपण एक ‘हिंसक कृत्य’ है जिसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता. साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक तत्काल बुलाने की मांग की. मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने भी इसपर इसी तरह प्रतिक्रिया दी और उन्होंने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सत्र तत्काल बुलाने की मांग की है.

वहीं जापान के रक्षामंत्री ने कहा, ‘उत्तर कोरिया का आईसीबीएम मिसाइल उसके स्पेशल इकॉनोमिक जोन में गिरा. वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि यह मिसाइल अब तक का सबसे खतरनाक था. यह वैश्विक स्तर पर धमकी है.’

दक्षिण कोरिया के सेना प्रमुख के बयान के अनुसार, दक्षिण कोरिया और अमेरिकी प्रशासन साथ काम करते हुए नई मिसाइल की दूरी का विश्लेषण कर रहा है.

दुनिया में कहीं भी मार कर सकती है मिसाइल

उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल के जापान सागर में गिरने के बाद अमेरिका ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने आशंका जताई कि उत्तर कोरिया शायद ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो ‘दुनिया में कहीं भी’ मार करने में सक्षम होंगी.

मैटिस के अनुसार दो महीने की शांति के बाद प्योंगयांग ने एक आईसीबीएम का परीक्षण किया, जिसने उसके द्वारा दागी गई पहले की सभी मिसाइलों से कहीं अधिक ऊंची उड़ान भरी.

ऐसा माना जा रहा है कि आईसीबीएम बिना किसी को नुकसान पहुंचाए जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में जा गिरी.

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया लगातार परमाणु हथियार पाने के प्रयास कर रहा है और उसे ऐसा करने से रोका जाना चाहिए.