मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन की माने तो आने वाले समय में जीएसटी के तहत वर्तमान स्लैब में कमी की जा सकती है।

अरविंद सुब्रमण्यन ने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी के तहत टैक्स के स्लैबों में कमी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैबों को मिलाकर एक स्लैब बनाने की बात सोची जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘कुछ समय बाद 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दरों को मिलाकर एक नई दर बनाई जा सकती हैं। आने वाले समय में हम कर श्रेणियों में कमी देखेंगे। हम कभी भी एक मात्र दर नहीं लागू कर सकेंगे क्योंकि ऐसा कर पाना काफी मुश्किल है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘एक जुलाई से शुरू की गई यह व्यवस्था अगले छह से नौ महीने में स्थायित्व पा लेगी और अन्य देशों के लिए उदाहरण के रूप में उभरेगी।‘

वह आईसीएफएआई इंस्टिट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में व्याख्यान दे रहे थे। ज़ाहिर है कि इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष ने भी एकल जीएसटी की मांग की थी।

राहुल ने कहा, ‘कांग्रेस और देश के लोगों ने कई वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से घटाने के लिए संघर्ष किया। जीएसटी की दर 18 फीसदी के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अगर बीजेपी ऐसा करने में विफल रहेगी तो कांग्रेस यह काम करेगी।’

गांधी ने केंद्र की ओर से 200 से ज्यादा वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कटौती पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ये बात कही थी।

इससे पहले ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने कहा था- ‘इंडिया नीड्स ए सिंपल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, नॉट ए गब्बर सिंह टैक्स अर्थात भारत को सरल कर वस्तु एवं सेवा कर की जरूरत है न कि गब्बर सिंह टैक्स की।’