नई दिल्ली: पेट्रोल व डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए ईंधन को जीएसटी के तहत लाने की वकालत की। गडकरी ने कहा कि मैंने एक प्रजेंटेशन के दौरान अधिकारियों से पूछा कि अगर हम ईंधन की कीमतों को जीएसटी के तहत लाते हैं तो इससे राज्यों को फायदा होगा या नहीं।

गडकरी ने मोदी सरकार के चार साल होने पर एक समाचार सम्मेलन में कहा, ‘उन्होंने (अधिकारियों) कहा ‘हां’, उन्हें (राज्यों को) फायदा होगा। लेकिन, गडकरी ने कहा कि राज्य तेल की कीमतों व शराब से जुटाए जाने वाले राजस्व को खोने को लेकर एहतियात बरत रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘यह अच्छा होगा अगर जीएसटी के तहत ईंधन की कीमतें लाई जाएं। इससे न केवल ईंधन की कीमतें कम हो जाएंगी बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी राय है और इसके बारे में आखिरी निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय को लेना है।

मंत्री ने कहा कि ईंधन की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की दर बढ़ने के कारण बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इससे पहले, हम आयात (ईंधन के) पर सब्सिडी दे रहे थे। जब दरें कम हो गईं, तो सब्सिडी हटा दी गई। हम वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं..पेट्रोल व डीजल की कीमतें उनकी अंतर्राष्ट्रीय दरों में वृद्धि के कारण बढ़ रही हैं।”

उन्होंने कहा कि सब्सिडी हटाकर जो धन बचाया गया है, उसी से देश भर के 8 करोड़ परिवारों को सरकार ने मुफ्त में तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन दिया है।